गणपती वन्दना
!! गणपती वन्दना !!
मैं थाने सिंवरु गजानन्द देवा
!! दोहा !!
सदा भवानी दायनी, सन्मुख रहत गणेश ।
देवी देवता रक्षा करो, ब्रह्मा विष्णु महेश ।।
सुंडाला दुख भंजना , सदा निवाला वेश ।
सारों पहले सुमरिये , गवली नन्द गणेश ।।
!! भजन !!
मैं थाने सिंवरु गजानन देवा,
ओ विनायक देवा,
म्हारे वचनों रा पालनहारा जी ।
सरस्वती मात शारदा ने सिंवरूं,
म्हारे हिरदा में करो उजियाला जी ।
निन्दरा निवारो भोलानाथ ने ।।
जननी न जायो उदर नहीं आयो,
गवरां रो पुत्र केवायो जी ।
पाणी सूं पतलो, पवन सूं झीणो,
शोभा वरणी नहीं जावे जियो ।
हाथ घालूं तो हिरलो हाथ नहीं आवे,
मुठियां में नहीं रे समावे जी ।
बोलिया 'गोरखनाथ' मच्छेन्दर रा चेला,
म्हारे पथरे बाना वाली राखो जी ।।
Comments
Post a Comment